जो अच्छे से गुज़रे

देखो ऐसा है कि किसी को किसी की आंतरिक भावनाओं की भनक नहीं पड़ती ।

हर कोई मनोवैज्ञानिक तो होता नहीं और दूसरे से ज्यादा रूचि खुद में होती हैं ।
वो ज्ञानी जो खुद को एक्सप्रेशनलेस कहता है, वो भीतर से इतना शून्य है कि एकदम खाली है । वो मर गया 2500 साल पहले और लड़ाई आज भी हो रही है ।
कुछ ने सुना, बहुतों ने पढ़ा, बाकीयों ने इग्नोर मारा ।

जिद्दू हों या बुद्ध, फेल हो गए सब ।

एक बात जो समझ में आती है वो ये कि सब मरने वाले हैं, मैं भी ।
जिसका जब टाईम आएगा तब जागेगा ।

कुछ मरने से पहले जागेंगे, कुछ सोते हुए मर जाऐंगे ।

तो दिल जलाने की कोई वजह नहीं है ।
दिल्ली पे कौन बैठा हैं, ये घाना के केनी की उस बहन को नहीं मालूम जो अपने परिवार के लिए रोज़ नाश्ते में फूफू बनाती है ।

डांगा चीखता रहेगा, रोता रहेगा, मगर नाईजीरिया की राजनीति बदल नहीं जाएगी ।

डोरिस को देखो, फ्रेडो के साथ खुश हैं, हम्फ्री भी अपनी वाईफ के साथ सुख से जीवन बिता रहा है ।
बिना पैसे के निर्वाण और मोक्ष मिल सकता है, सुख नहीं ।
यहां बारिश है, कहीं ठंडी होगी, कहीं का मौसम सुहाना होगा । कौन सा मौसम किसके लिये सुहाना होगा ये उसकी आर्थिक शारीरिक मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है । 
एक आदमी की तीनों बेटियों में से वो हिरोइन है जो उस मौसम को अच्छा मानती है जो अच्छे से गुजरे ।

कहानी षड्यंत्र है अगर वो पहले से निर्धारित सीख को सिखाने  के लिए कही जाए ।
राजकुमारी को अगर कुछ साधारण हीरों मे से वो एक हीरा अच्छा लगा तो ये जौहरी की चतुराई थी । इसको भी षड्यंत्र कहा जा सकता है । लेकिन जैन भिक्षु अगर अपनी जान बचाने की कोशिश में किसी जानवर का सूप पिए तो इसमें तो कोई बुराई मुझे नहीं दिखती ।
भावना क्या है, इसके साथ कर्म का परिणाम क्या हुआ, ये भी ज़रूरी है नहीं तो अच्छी भावना के साथ बुरे परिणाम छोड़ते रहेंगे ।
मैं उस समय पैदा नहीं हुआ था । गरमी की दोपहर को जब हवा सायं सायं चल रही थी और किसी के घर में तख्त पर बैठकर पानी परोसा गया था ।
गोबर से लीपे हुए फर्श की महक से एक्सप्रेशन सुकून वाला ही आया था मगर मुस्कुराहट औब भी नहीं थी ।

चाड की माब्राऊका इंगलिश सीख रही है । मैं चाईनीज़ सीख रहा हूं ।

03:38 am Wednesday

3rd of August 2016

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s