कहानी वाली कविता! 

​एक बार नाव पानी में बहते एक ठूंठ से टकरा गई। ठूंठ भी एक तरफ जरा सा बहा और नाव भी दूसरी ओर बढ़ गई।

नाव जिस किनारे पर लगी, वहां ज्यादा लोगों का आना-जाना नहीं था।

धूप बढ़ गई थी।

*

पानी के भीतर गहरे नहीं बल्कि दो अणुओं के बीच में रहती है ठंड। वहां पर जितने भी लोग गए वो बर्फ बन गए।

*

पीली टी-शर्ट और नीली जिंस पहन के कीड़े कुश्ती करते है बरसात के भीगे टायर के नीचे। गाड़ियाँ चली तो पिचक गए।

*

एक लाईन की कहानी

25 शब्दों में कहानी

तीन लाईन की कविता

दिमाग के घोड़े ।

*

ओके।

फेकने का समय नहीं है।

मैंने तो फेका भी नहीं।

अब अगर जम नहीं रहा तो मैं क्यों जिम्मेदार?

क्या मैंने कहा था?

*

पटिया थोड़ी रोकती है।

हरा दिखने वाला पानी खारा भी नहीं हो जाता ।

रिसते हुए दिमाग कभी खाली नहीं होते।

*

एक लाल रंग है

बाहर से नीले ने घेर रखा है

अंदर हरा और पीला भी है जो बाहर भी जाता है।

सफेद जो कि रंग नही है, रंगों को छींट रहा है।

काँच से झरा हुआ और बिना झरा हुआ, दोनों एक ही तो हैं।

*

देखो

मैं तो सरेंडर कर चुका हूं।

अब शहर में अराजकता स्वीकार्य हो गई।

*

21:41 Tuesday 31st January 2017

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