फल सड़ा है, बीज नहीं! 

​क्या हुआ कि एक फल पकने वाला था,

फिर उस पर ज़बर्दस्ती किसी दवा का छिड़काव किया गया,

छिड़काव ज़बरदस्ती हुआ था जिसकी ज़रूरत क़तई नहीं थी ।
तो नुकसान भी हुआ ।

फल सड़ गया !

अब मंडी में क्या होगा पता है ।
मक्खियां भिनभिनाती है

जो तकलीफ भी देती है

और बेवजह की तकलीफ देती है ।
नहीं चाहिए इसकी उसकी सलाह 

नहीं चाहिए किसी दवा का छिड़काव

नष्ट तो कुछ नहीं होता ना !
जो मरा है वो फिर जी उठेगा

नए रूप में, नई जगह पर

फिर से जीवन पनपेगा ।
फल खराब हुआ मगर सिर्फ एक हिस्सा

बीज तो अब भी सलामत है

और नए पौधे में अनेक फलों की संभावनाएँ भी हैं ।
लेकिन मैं चाहता हूं कि अब कोई फल न लगे

पौधा तो हो पर फलविहीन हो, ऊंचा हो

मजबूत और छायादार पेड़ बनें ।
20:56 Wednesday 8th March 2017

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